Daily 24 भारत डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार अब तेज हो गया है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा राज्य में कई जनसभाएं करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी मुजफ्फरपुर और सारण जिलों में दो रैलियों को संबोधित करेंगे। इससे पहले उन्होंने 24 अक्टूबर को समस्तीपुर और बेगूसराय में जनसभाओं के साथ एनडीए के प्रचार अभियान की शुरुआत की थी। राहुल गांधी आज नालंदा और शेखपुरा जिलों में रैलियां करेंगे, जबकि अमित शाह की चार सभाएं लखीसराय, मुंगेर, नालंदा और पटना में होंगी। भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा भी बक्सर और पटना जिलों में जनसभाएं करने वाले हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता उन्हें लगातार अपशब्द कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो खुद को नामदार कहते हैं, वे एक कामदार को बर्दाश्त नहीं कर पाते। उनके अनुसार, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को नीचा दिखाना इन लोगों की पुरानी सोच का हिस्सा है। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जाता है क्योंकि एक गरीब परिवार से निकलकर चाय बेचने वाला व्यक्ति आज इस मुकाम तक पहुंच गया है।
छठ महापर्व के बाद यह उनकी पहली जनसभा है। उन्होंने कहा कि छठ बिहार ही नहीं, पूरे देश का गौरव है और अब इसे दुनिया भर में मनाया जाता है। जब छठ के गीत बजते हैं तो हर कोई भावुक हो जाता है। छठी मईया की पूजा में मां की भक्ति, ममता और समानता का संदेश छिपा है। यह त्योहार हमारी साझा संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि दुनिया भी इन मूल्यों को समझे और उनसे प्रेरणा ले।
जो महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और गंगा जी में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं, उन्हें आरजेडी और कांग्रेस “ड्रामा करने वाली” कहती हैं। उन्होंने पूछा कि क्या बिहार की माताएं और बहनें छठी मईया के इस अपमान को सहन करेंगी? प्रधानमंत्री ने कहा कि छठी मईया के इस अपमान को बिहार का कोई भी व्यक्ति कभी नहीं भूलेगा।
बिहार देश का गौरव है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार पूरे देश का गौरव है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व अब देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मनाया जाता है। जब हम छठ के गीत सुनते हैं, तो मन भावुक हो उठता है। छठी मईया की पूजा में मां की भक्ति, समानता, ममता और सामाजिक एकता का भाव छिपा है। यह त्योहार हमारी साझा संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। सरकार कोशिश कर रही है कि छठ महापर्व को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया जाए, ताकि पूरी दुनिया इस पर्व के मानवता और एकता के संदेश से प्रेरणा ले सके।