Daily 24 भारत डेस्क: सूबे के मुखिया लगातार पुलिस प्रणाली को सुधारने में जुटे हुए हैं तो वहीं कुछ पुलिसकर्मी हैं कि पुलिस है की लगातार महकमे की छवि धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं हालिया मामला चित्रकूट, बांदा और कौशांबी का है सोशल मीडिया पर ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली करते पुलिसकर्मियों का वीडियो वायरल होने के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने तीनों जिलों के 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं पुलिस मुख्यालय के हवाले से खबर आई है कि चित्रकूट में सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, जिनमें भरतकूप थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार, आरक्षी रणवीर सिंह, पहाड़ी थाने की एसओ अनुपमा तिवारी (उपनिरीक्षक), आरक्षी शुभम द्विवेदी व राजापुर थाने के एसओ पंकज तिवारी (उपनिरीक्षक) के साथ उपनिरीक्षक इमरान खान व आरक्षी अजय मिश्रा को निलंबित किया गया है। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच एएसपी सत्यपाल सिंह को सौंपी गई है।
निलंबित होने वाले पुलिसकर्मियों में 1 निरीक्षक, 1 महिला उपनिरीक्षक, 4 पुरुष उपनिरीक्षक एवं 5 आरक्षी शामिल हैं। इस प्रकरण में डीजीपी ने तीनों जिलों से रिपोर्ट भी तलब की है। बता दें कि इससे पहले बलिया के नरही थाने में भी घूसखोरी के आरोप में कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। वहीं डीजीपी ने मातहतों को चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार में लिप्त होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेट लिस्ट ने खोली भ्रष्टाचार की पोल
वीडियो वायरल होने के बाद तीनों जिलों में ओवरलोड ट्रक निकालने की कथित दरें भी उजागर हुई हैं। इसके अनुसार, बांदा के बदौसा थाने से ओवरलोड ट्रक निकालने के लिए 7000 रुपये, चित्रकूट के भरतकूप थाने से गिट्टी ट्रक के लिए 2500 रुपये, बालू ट्रक के लिए 4000 रुपये, पहाड़ी थाने से 2500 रुपये, राजापुर से 4000 रुपये, और कौशांबी के महेवाघाट थाने से 3000 रुपये प्रति ट्रक वसूले जाने की जानकारी सामने आई है।
अजय ठाकुर