Daily 24 भारत डेस्क: भारत में इस साल गर्मी के तेवर असामान्य रूप से तीखे रहने के संकेत मिल रहे हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अप्रैल से जून के बीच देश के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) की स्थिति बन सकती है, जिससे तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की आशंका है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार गर्मी का असर न केवल लंबे समय तक रहेगा, बल्कि इसकी तीव्रता भी ज्यादा महसूस की जा सकती है. IMD के अनुसार, पूर्वी और तटीय क्षेत्रों जैसे दक्षिणी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगान में लू का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है. इन इलाकों में नमी और उच्च तापमान का संयोजन “ह्यूमिड हीट” पैदा करेगा, जिससे लोगों को ज्यादा असहजता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. इसके अलावा उत्तर भारत के इंडो-गंगा के मैदानी क्षेत्र जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और हरियाणा भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे.
सावधान! बिहार, यूपी समेत 8 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट। IMD ने दी चेतावनी, 40°C के पार जाएगा तापमान। सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों में ज्यादा असर। गुजरात, महाराष्ट्र और तटीय राज्यों में भी लू का खतरा। कई इलाकों में सामान्य से ज्यादा दिन चलेगी हीटवेव। @Indiametdept #Heatwave #IMD… pic.twitter.com/IGtr3W6O16
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) April 21, 2026
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा के मुताबिक, इस साल कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना है. तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, और कुछ इलाकों में यह 47 डिग्री तक भी जा सकता है. खास बात यह है कि जिन क्षेत्रों में आमतौर पर इतनी गर्मी नहीं पड़ती, वहां भी इस बार तापमान में काफी वृद्धि देखने को मिलेगी. उत्तर प्रदेश में अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में ही जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है. कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बिहार में भी तापमान 40-43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है. स्कूलों के समय में बदलाव, दोपहर में बाजारों में सन्नाटा और अस्पतालों में हीट-स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.
IMD ने यह भी चेतावनी दी है कि अप्रैल-मई और मॉनसून से पहले जून का महीना आमतौर पर सबसे ज्यादा गर्म रहता है, लेकिन इस बार तापमान में उतार-चढ़ाव ज्यादा तेजी से हो सकता है. रात के तापमान में भी गिरावट कम रहने की संभावना है, जिससे लोगों को रात में कम राहत रहेगी. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि लंबे समय तक गर्मी के संपर्क में रहने से डिहाइड्रेशन, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर में रहने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा सीधे धूप से बचने की सलाह दी गई है.
इसके अलावा, सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा हीट एक्शन प्लान को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है. शहरों में पानी के टैंकर, छांव वाले विश्राम स्थल (शेल्टर), और सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की व्यवस्था बढ़ाई जा रही है. मौसम विभाग भी लगातार अलर्ट और अपडेट जारी कर रहा है ताकि खासतौर पर मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले और खुले में काम करने वाले लोग समय रहते सावधानी बरत सकें. कुल मिलाकर, इस साल की गर्मी सामान्य से अधिक लंबी, तीव्र और चुनौतीपूर्ण रहने वाली है, जिसके चलते आम लोगों से लेकर प्रशासन तक सभी को सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है.