Daily 24 भारत डेस्क: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. पहले चरण के मतदान से ठीक पहले चुनाव आयोग ने बूथ सुरक्षा और निगरानी को लेकर कई अहम कदम उठाए हैं. आयोग के अनुसार, राज्य के लगभग सभी मतदान केंद्रों को ‘संवेदनशील’ श्रेणी में रखा गया है, जिनमें से करीब 8,500 बूथ ‘अति संवेदनशील’ हैं. इनमें 1,500 बूथ ऐसे हैं जहां पहले चरण में मतदान होना है और वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
भीड़भाड़ और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए आयोग ने तकनीकी निगरानी को प्राथमिकता दी है. निर्णय के तहत मतदान शुरू होने से एक रात पहले ही सभी मतदान केंद्रों पर कैमरे चालू कर दिए जाएंगे. ये कैमरे वेबकास्टिंग के जरिए सीधे आयोग के नियंत्रण कक्ष से जुड़े रहेंगे, जहां विशेष अधिकारी पूरी रात निगरानी करेंगे.
सामान्य मतदान केंद्रों पर दो कैमरे लगाए गए हैं, जबकि अधिक संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले केंद्रों पर अतिरिक्त कैमरों की व्यवस्था की गई है. पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मॉक पोल समाप्त होते ही कैमरों की कार्यक्षमता की जानकारी तुरंत आयोग को दी जाए.
इसके साथ ही, मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. मतदाता सूची में नाम छूटने जैसी समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया गया है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दोहराया है कि आयोग का मुख्य उद्देश्य शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है. अब देखना होगा कि मतदान के दिनों में आम जनता कितने विश्वास और उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करती है. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को निर्धारित है.