Daily 24 भारत डेस्क: नोएडा सेक्टर-150…जहां एक इंजीनियर की डूबकर हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड था, न ही रिफ्लेक्टर या बैरिकेडिंग जैसी सुरक्षा व्यवस्था.अगर समय रहते इंतज़ाम किए गए होते, तो शायद आज एक जान बच सकती थी. घटना के बाद जब नोएडा अथॉरिटी से जवाब मांगा गया, तो अधिकारी संतोषजनक जानकारी देने से बचते नजर आए. नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने सिर्फ इतना कहा कि मामले की जांच की जा रही है.
नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सतीश पाल ने कहा है की प्राथमिक जांच में एक जूनियर इंजीनियर की लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. मौके पर सुरक्षा इंतज़ामों की भी जांच कराई जा रही है.” एसीईओ ने यह भी कहा कि अगर पहले इस जगह को लेकर कोई शिकायत आई थी और उस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उस बिंदु की भी जांच होगी.
नोएडा: नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पहुंची SIT टीम। सीएम योगी के निर्देश पर इंजीनियर युवराज मेहता मौत मामले की जांच। ADG मेरठ भानु भास्कर, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह मौजूद। मेरठ मंडल आयुक्त भानु चंद गोस्वामी, DM मेघा रूपम भी मौके पर मौजूद। SDRF टीम, नॉलेज पार्क सर्किल के ACP समेत… pic.twitter.com/P55VxnXPuR
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 20, 2026
मौके पर पहुंचे पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के सफाई प्रभारी राजेश कुमार ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका काम सिर्फ नालों और सड़कों की सफाई तक सीमित है. देर शाम एसडीएम सदर गौतमबुद्ध नगर आशुतोष गुप्ता ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की बात कही. उन्होंने कहा की यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मामले की जांच की जा रही है, जो भी जरूरी सुरक्षा कदम होंगे, उठाए जाएंगे. फिलहाल सवाल यह है कि क्या एक जूनियर इंजीनियर पर कार्रवाई से प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बच सकता है? और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?