Daily 24 भारत डेस्क: ईरान में जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरानी सरकार अपने ही नागरिकों के खिलाफ हिंसा जारी रखती है, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. ईरान में चल रहा जनआंदोलन अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. देश के 187 शहरों में फैले इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि अब तक कम से कम 505 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं, जिनमें 9 बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा सुरक्षा बलों के 133 जवानों और कई आम नागरिकों की भी जान गई है.
इन्हीं घटनाओं के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है. डेट्रॉइट में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है, खासतौर पर प्रदर्शनकारियों की कथित हत्याओं और फांसी की रिपोर्टों पर. हालांकि ट्रंप ने किसी सैन्य कार्रवाई का सीधा ऐलान नहीं किया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि व्हाइट हाउस लौटकर वह ईरान की स्थिति की पूरी समीक्षा करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेगा, लेकिन हालात बेहद चिंताजनक हैं.
इस बीच व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि ईरान के मामले में कई विकल्प खुले हैं. प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के मुताबिक कूटनीति पहली प्राथमिकता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हवाई हमले भी विकल्पों में शामिल हैं. ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा आर्थिक कदम उठाने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. ट्रंप ने इस फैसले को अंतिम और निर्णायक बताया.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं. कुछ देश इसे विदेशी हस्तक्षेप से प्रेरित अशांति बता रहे हैं, जबकि पश्चिमी देश और मानवाधिकार संगठन ईरानी सरकार पर अत्यधिक हिंसा के आरोप लगा रहे हैं. अल जज़ीरा समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने इसे गंभीर मानवाधिकार संकट करार दिया है. कुल मिलाकर, ईरान का यह आंदोलन अब सिर्फ घरेलू विरोध नहीं रहा, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप ले चुका है. आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर इसका क्या असर पड़ेगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है.