डेली24 भारत डेस्क: रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है. रामनगरी की पहचान अब और अधिक पवित्रता, मर्यादा और परंपराओं से जुड़ती दिखाई दे रही है. शहर के स्वरूप में आए इस ऐतिहासिक बदलाव का असर यहां की जीवनशैली, खानपान और व्यवहार पर भी साफ तौर पर दिखने लगा है. इसी बदलाव के बीच एक अहम मुद्दा सामने आया है, जिसने प्रशासन का ध्यान खींचा है, अयोध्या धाम में ठहरने वाले कुछ यात्रियों और पर्यटकों द्वारा ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के ज़रिए नॉनवेज भोजन मंगवाए जाने की शिकायतें.
अयोध्या के होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे में ठहरे कुछ लोगों द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नॉनवेज खाद्य पदार्थ ऑर्डर किए जा रहे थे. यह बात स्थानीय लोगों और प्रतिष्ठान संचालकों तक पहुंची, जिसके बाद इसे रामनगरी की परंपरा और शुचिता के विरुद्ध बताया गया. धीरे-धीरे ये शिकायतें सहायक खाद्य आयुक्त कार्यालय तक भी पहुंच गई. शिकायतों में साफ तौर पर कहा गया कि रामधाम में नॉनवेज भोजन प्रतिबंधित होने के बावजूद, ऑनलाइन ऑर्डर के ज़रिए इसकी आपूर्ति की जा रही है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने अयोध्या कैंट समेत रामनगरी के सभी होटलों, गेस्ट हाउसों और होम स्टे संचालकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि रामधाम से संबंधित किसी भी प्रकार की ऑनलाइन फूड बुकिंग में नॉनवेज भोजन की आपूर्ति पूरी तरह से बंद की जाए. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मानिक चंद्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रामनगरी की पवित्रता और धार्मिक गरिमा को बनाए रखना सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि व्यवसायिक लाभ को आस्था और परंपरा से ऊपर नहीं रखा जा सकता. यदि कोई होटल, रेस्टोरेंट या फूड डिलीवरी से जुड़ा प्रतिष्ठान रामधाम क्षेत्र में नॉनवेज भोजन की आपूर्ति करते हुए पाया गया, तो संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
इसके साथ ही सभी होटल, गेस्ट हाउस और होम स्टे संचालकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में स्पष्ट रूप से लिखवाएं कि यहां नॉनवेज खाना, लाना या मंगाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है. यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि ऐसे स्पष्ट निर्देशों से न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी अयोध्या की सांस्कृतिक मर्यादाओं की जानकारी मिलेगी.
इस पूरे मामले के बीच यह भी उल्लेखनीय है कि अयोध्या में नॉनवेज भोजन की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध कोई नया नियम नहीं है. इसका इतिहास ब्रिटिश काल तक जाता है. इस तथ्य की पुष्टि अमावां राम मंदिर के पूर्व सचिव और पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल ने अपनी पुस्तक ‘अयोध्या रीविजिटेड’ में की है. पुस्तक में उल्लेख है कि राजा महमूदाबाद द्वारा अयोध्या में बकरीद के अवसर पर सार्वजनिक कुर्बानी को लेकर दायर एक रिट पर ब्रिटिश सरकार ने विस्तृत आदेश जारी किया था, जिसमें रामनगरी में नॉनवेज की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाया गया था.
इसी ब्रिटिशकालीन आदेश के आधार पर तत्कालीन सिटी बोर्ड फैजाबाद ने भी अयोध्या में नॉनवेज भोजन पर रोक लगाई थी. खास बात यह है कि यह प्रतिबंध आज भी लागू है और इसे अब तक किसी ने कानूनी रूप से चुनौती नहीं दी है. प्रशासन का कहना है कि रामनगरी की परंपराओं और धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए इस ऐतिहासिक आदेश का पालन सख्ती से किया जाना आवश्यक है.
रामलला की नगरी अयोध्या आज आस्था, संस्कृति और अनुशासन का प्रतीक बनकर उभर रही है. प्रशासन के सख्त निर्देश यह संदेश देते हैं कि रामधाम की पवित्रता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि श्रद्धालु, पर्यटक और व्यवसायिक संस्थान इन नियमों का किस हद तक पालन करते हैं. लेकिन इतना तय है की अयोध्या अपनी सांस्कृतिक मर्यादाओं के साथ एक नए युग की ओर बढ़ चुकी है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर