Daily 24 भारत डेस्क: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्रवाई को लेकर सियासी पारा चरम पर है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिल्ली में सड़कों पर उतर आए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है.
कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पैदल मार्च। ईडी की कार्रवाई के विरोध में निकाला जाएगा मार्च।@MamataOfficial #MamataBanerjee #EDRaid #Kolkata pic.twitter.com/zDpN9FEIrb
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 9, 2026
शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा, शताब्दी रॉय, कीर्ति आज़ाद समेत कई नेता दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे. सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाज़ी की. प्रदर्शन शुरू होते ही दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा समेत कई सांसदों को हिरासत में ले लिया और पुलिस वैन में बैठाकर ले गई. दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोयला तस्करी मामले में राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के दफ्तर में ED की रेड के दौरान हस्तक्षेप का आरोप लगाया. ममता बनर्जी का दावा है कि ED ने पार्टी से जुड़ा संवेदनशील डेटा, हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की सूची और रणनीतिक दस्तावेज जब्त कर लिए.
ED ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई सबूतों के आधार पर की गई है और किसी राजनीतिक दल या चुनाव को टारगेट नहीं किया गया. ED के मुताबिक यह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नियमित जांच का हिस्सा है और किसी पार्टी कार्यालय में कोई सर्च नहीं की गई है. एक तरफ TMC इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, तो दूसरी तरफ ED अपनी कार्रवाई को कानूनी और निष्पक्ष बता रही है. लेकिन चुनावी माहौल में यह टकराव अब और तेज़ होता दिखाई दे रहा है.