डेली24भारत डेस्क: सऊदी अरब ने कई दशकों बाद शराब की बिक्री पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों में कुछ नरमी की है। यह बदलाव बहुत सीमित दायरे में लागू किया गया है और सिर्फ कुछ चुनिंदा, गैर-मुस्लिम विदेशी निवासियों को ही अनुमति दी गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति गैर-मुस्लिम है और उसकी मासिक कमाई लगभग 13,300 डॉलर (करीब 12 लाख रुपये) है, तो वह रियाद में मौजूद एक विशेष दुकान से बीयर सहित अन्य शराब खरीद सकता है।
सऊदी अरब इस्लामिक परंपराओं वाला देश है, जहां कुरान के सिद्धांतों के अनुसार कई मुसलमान शराब से पूरी तरह दूरी बनाए रखते हैं। यह देश मक्का और मदीना जैसे इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों का घर है। इसके बावजूद, पिछले कुछ वर्षों में वहां कई सख्त नियमों में ढील दी गई है—जैसे महिलाओं को ड्राइविंग और स्वतंत्र रूप से यात्रा करने की अनुमति देना।
शराब की सीमित बिक्री की यह अनुमति क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की ‘विजन 2030’ रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेश आकर्षित करना और तेल पर आर्थिक निर्भरता कम करना है। इस नियम के तहत शराब केवल उन अमीर विदेशी निवासियों को मिलेगी, जो अपनी आय का प्रमाण वेतन प्रमाणपत्र के रूप में पेश कर सकें। पहले यह सुविधा सिर्फ विदेशी राजनयिकों और विशेष रेजीडेंसी धारकों तक सीमित थी। अब उच्च आय वाले गैर-मुस्लिम निवासी भी शराब खरीद सकेंगे, और जेद्दा तथा दहरान में भी नई दुकानें खोले जाने की योजना है।
सऊदी अरब ने 1952 में शराब पर कड़ा प्रतिबंध लगाया था, जब राजा अब्दुलअज़ीज़ के बेटे ने शराब के नशे में एक ब्रिटिश राजनयिक की हत्या कर दी थी। 70 साल बाद यह सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यह कदम पर्यटन बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने और 2034 फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप की तैयारियों के तहत देश की छवि को आधुनिक दिखाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर