Daily 24 भारत डेस्क: मुंबई में स्टूडियो में बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी रोहित की मौत हो गई. उसे पुलिस की गोली लगी, जिससे उसकी जान चली गई. पुलिस के मुताबिक आरोपी रोहित आर्या ने एयरगन से फायरिंग की थी. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की. पुलिस की ओर से चलाई एक गोली से आरोपी घायल हो गया. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
डीसीपी दत्ता नलवड़े ने एनकाउंटर की जानकारी देते बताया, ‘बंधक बनाए गए बच्चों को छुड़ाने के लिए मुंबई पुलिस की QRT और स्पेशलाइज्ड ब्रांच के जवानों को मौके पर बुलाया गया. उन्होंने कार्रवाई शुरू करते हुए स्टूडियो में जबरन प्रवेश किया और 17 बच्चे, एक सीनियर सिटीजन और एक सिविलियन को सुरक्षित रेस्क्यू करवा लिया.’
डीसीपी ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पर एयरगन से हमला किया. जिसके बाद पुलिस ने जवाब में गोली चलाई. उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. वह अंदर अकेला था. उसके पास से कुछ केमिकल भी मिला है. पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग भी शामिल थे या नहीं.
मुंबई: RA स्टूडियो में 20 बच्चों को बंधक बनाने वाले रोहित की मौत। आरोपी रोहित ने पुलिस पर की थी फायरिंग। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में रोहित ढेर। सभी बच्चे सुरक्षित, पुलिस ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। घटना से इलाके में अफरा-तफरी, पुलिस जांच जारी।@MumbaiPolice #MumbaiHostage… pic.twitter.com/1iQAOiHsNo
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) October 30, 2025
मुंबई के पवई इलाके में हुए ‘RA स्टूडियो बंधक कांड’ ने आज पूरे देश को हिला दिया. स्टूडियो में काम करने वाले एक व्यक्ति ने 17 मासूम बच्चों को ऑडिशन के बहाने अंदर बुलाया और फिर दरवाजे बंद कर दिए. बाहर इंतजार करते अभिभावकों के चेहरों पर बेचैनी थी. जब उन्हें पता चला कि आरोपी ने उनके बच्चों को बंधक बना लिया है तो उनके होश उड़ गए.
पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी के पुराने वीडियो बताते हैं कि रोहित आर्या कभी एक सरकारी ठेकेदार था. उसने पुणे और मुंबई में कई शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाया था. उसका दावा है कि उसे उस काम का भुगतान नहीं मिला. धीरे-धीरे आर्थिक नुकसान और मानसिक दबाव ने उसकी सोच पर असर डाला. वह खुद को ‘सरकार द्वारा ठगा गया व्यक्ति’ मानने लगा. यहीं से उसके भीतर का आक्रोश खतरनाक दिशा में मुड़ गया.
घटना के दौरान वायरल हुए वीडियो में रोहित कहता है, ‘मैं आतंकवादी नहीं हूं… मैं सरकार से सिर्फ जवाब चाहता हूं.’ उसकी बातों से साफ था कि उसका उद्देश्य पैसे से ज़्यादा ‘अपनी बात सुने जाने’ की चाह थी. उसने बच्चों को इसलिए चुना ताकि मीडिया और प्रशासन का ध्यान खींच सके. लेकिन जिस तरीके से उसने ध्यान पाने की कोशिश की, वही उसे अपराधी बना गया.