डेली 24भारत डेस्क: सुप्रीम कोर्ट में AGR (Adjusted Gross Revenue) बकाया मामले की सुनवाई के दौरान आए हालिया फैसले ने वोडाफोन आइडिया (Vi) के लिए राहत की नई उम्मीदें जगा दी हैं। इस फैसले के बाद कंपनी पर वर्षों से चला आ रहा कर्ज और भुगतान का भारी दबाव कुछ हद तक कम होने की संभावना है। ब्रोकरेज फर्म Citi ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में कहा है कि कोर्ट के आदेश से कंपनी को सरकार के हस्तक्षेप के ज़रिए राहत मिलने का रास्ता खुल गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ संकेत दिया है कि अगर सरकार चाहे तो वोडाफोन आइडिया को AGR बकाया के मामले में रियायत दी जा सकती है।
वित्तीय सुधार की संभावना
Citi का अनुमान है कि अगर सरकार यह राहत देती है तो इससे वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा। कंपनी के पास कर्ज चुकाने और नेटवर्क विस्तार दोनों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। यह राहत मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले, यानी आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में भी मिल सकती है।
शेयर पर Citi की राय
Citi ने वोडाफोन आइडिया के शेयर पर ‘हाई रिस्क’ के साथ ‘बाय’ (Buy) की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹10 प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि हालांकि कंपनी का शेयर अभी भी जोखिम भरा है, लेकिन सरकारी राहत और न्यायिक संकेतों के कारण अल्पावधि में तेजी देखी जा सकती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
Citi ने यह भी कहा है कि निवेशकों को सावधानी से निवेश निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि कंपनी की स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है। कर्ज, प्रतिस्पर्धा और मार्केट हिस्सेदारी जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। फिर भी, अगर सरकार से समर्थन मिला तो Vi की स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।
स्टॉक में तेजी
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली। वोडाफोन आइडिया का शेयर 4.16% की बढ़त के साथ बंद हुआ, और फिलहाल यह अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।
सिटी की रिपोर्ट बताती है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश ने टेलीकॉम सेक्टर में नई हलचल पैदा की है, खासकर वोडाफोन आइडिया के लिए यह एक संभावित टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अगर सरकार AGR बकाया पर राहत देती है, तो Vi न केवल अपने कर्ज के बोझ से उबर सकेगी, बल्कि 5G और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने का रास्ता भी साफ़ होगा।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर