Daily 24 भारत डेस्क: नोएडा प्राधिकरण को नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) मिल गया है. 2011 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्णा करुणेश को नोएडा प्राधिकरण का नया सीईओ नियुक्त किया गया है. राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद उनकी नियुक्ति की औपचारिक पुष्टि हो गई है. उन्होंने लोकेश एम की जगह ली है, जिन्हें युवराज मौत मामले के बाद पद से हटा दिया गया था.
नोएडा: कृष्णा करुणेश को नोएडा प्राधिकरण का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया। पहले ACEO पद पर थे। 2011 बैच के IAS अफसर हैं कृष्णा करुणेश। युवराज की मौत के मामले में लोकेश एम CEO को हटाया गया था।@noida_authority #Noida #NoidaAuthority #KrishnaKarunesh pic.twitter.com/DZgKeMKMRG
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 24, 2026
पूर्व सीईओ लोकेश एम को लोटस ग्रीन प्रोजेक्ट से जुड़े युवराज की मौत के मामले में प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के बीच हटाया गया. इस मामले में प्राधिकरण और बिल्डर की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. परिजनों और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिसके चलते ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया. जांच के दौरान प्रोजेक्ट से जुड़े सुरक्षा मानकों, नियमों और प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था में चूक को लेकर भी सवाल सामने आए. शासन स्तर पर समीक्षा के बाद लोकेश एम को सीईओ पद से हटाने का फैसला लिया गया, जिसे प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
नए सीईओ कृष्णा करुणेश को एक सख्त और कार्यकुशल अधिकारी के तौर पर जाना जाता है. इससे पहले वे गोरखपुर जैसे बड़े जिले में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुके हैं. उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और कानून-व्यवस्था को लेकर लिए गए फैसलों की काफी चर्चा रही. अब नोएडा जैसे संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल प्राधिकरण की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है.
सरकार को उनसे नोएडा प्राधिकरण में पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण की उम्मीद है. खास तौर पर बिल्डर प्रोजेक्ट्स, सुरक्षा मानकों और नागरिक सुविधाओं को लेकर सख्ती बढ़ाए जाने के संकेत मिल रहे हैं.
युवराज मौत मामले के बाद नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे. ऐसे में नए सीईओ की नियुक्ति को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. स्थानीय लोगों और औद्योगिक संगठनों को उम्मीद है कि कृष्णा करुणेश के नेतृत्व में प्राधिकरण की कार्यशैली में सुधार होगा और जनता से जुड़े मामलों में तेजी आएगी. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नए सीईओ नोएडा की बुनियादी समस्याओं, बिल्डर विवादों और लंबित फाइलों पर किस तरह कार्रवाई करते हैं.