डेली24भारत डेस्क: देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो पिछले चार दिनों से गंभीर परिचालन संकट से गुजर रही है। 5 और 6 दिसंबर को 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने से देशभर के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को अकेले 405 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद सबसे अधिक प्रभावित रहे। रोजाना औसतन 500 उड़ानें देर से चल रही हैं और पिछले चार दिनों में कुल 2,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इसके कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा, कई लोग जरूरी काम से घर नहीं पहुंच पाए और हवाई किराए अचानक कई गुना बढ़ गए। स्पाइसजेट की कोलकाता-मुंबई यात्रा 90 हजार रुपये तक पहुंच गई, जबकि एयर इंडिया की मुंबई-भुवनेश्वर टिकट 84,485 रुपये पर बिकती दिखी। सामान्य किराए की तुलना में यह 2 से 6 गुना अधिक है।
संकट की प्रमुख वजह पायलट और क्रू की कमी तथा उड़ानों का अस्थिर परिचालन बताया जा रहा है। हालात बिगड़ने पर सरकार ने हस्तक्षेप किया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को आदेश दिया कि रद्द या बाधित उड़ानों के सभी टिकट रिफंड 7 दिसंबर की शाम 8 बजे तक पूरे किए जाएं। प्रभावित यात्रियों से कोई रीशेड्यूलिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा और उनका सामान 48 घंटों के अंदर पहुंचाने का निर्देश भी दिया गया है। इसके साथ ही एयरलाइन को विशेष सहायता और रिफंड सुविधा केंद्र बनाने तथा तब तक स्वचालित रिफंड प्रक्रिया जारी रखने को कहा गया है जब तक परिचालन पूरी तरह स्थिर न हो जाए। आदेश का पालन न होने पर तत्काल नियामक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दूसरी ओर, घरेलू हवाई किराए में तेजी से बढ़ोतरी पर सरकार ने अस्थायी किराया सीमा तय कर दी है। रेलवे ने भी यात्रियों की मदद के लिए स्पेशल ट्रेनें और अतिरिक्त कोच लगाए हैं। डीजीसीए ने FDTL नियमों में अस्थायी छूट दी है, ताकि विमान समय पर उड़ान भर सकें। हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और संकट का पांचवां दिन जारी है। प्रभावित शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद शामिल हैं। सरकार एयरलाइन पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति सामान्य होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं, इसलिए यात्रियों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर