Daily 24 भारत डेस्क: मंगलवार रात मोंथा चक्रवात (Cyclone Montha) ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में तट से टकराने के बाद इसने दक्षिण भारत के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इसका असर अब ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार तक दिखने लगा है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मोंथा मंगलवार को मछिलीपट्टनम और कालींगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास ज़मीन से टकराया। उस वक्त हवाओं की रफ्तार 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। तेज़ हवाओं से समुद्र में ऊंची लहरें उठीं और कई जगहों पर पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए। कोनसीमा जिले में तूफान के चलते एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जब उसके घर पर पेड़ गिर गया। वहीं, नारियल के पेड़ गिरने से एक लड़का और ऑटो चालक घायल हो गए।
मौसम विभाग ने बताया कि ‘मोंथा’ नाम थाई भाषा से लिया गया है, जिसका मतलब है खुशबूदार फूल, लेकिन इस तूफान ने अपने नाम के उलट विनाश की गंध फैला दी है। ओडिशा के 15 जिलों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। IMD के अनुसार, अगले 24 घंटे में चक्रवात का असर उत्तर दिशा में बढ़ते हुए पूर्वी और मध्य भारत तक पहुंचेगा।
तूफान के कारण ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है। वहीं आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र-कच्छ, तेलंगाना और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा में भी तेज बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में आंधी और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
IMD ने कहा कि कई राज्यों में तेज हवाएं (30 से 60 किमी/घंटा) और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ और केरल में हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी/घंटा, जबकि कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और बंगाल के तटीय हिस्सों में 30-40 किमी/घंटा तक हो सकती है। उत्तर आंध्र प्रदेश तट पर हवाएं 65 से 75 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है, क्योंकि कर्नाटक, गोवा, गुजरात, आंध्र, ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में ऊंची लहरें और उफान की स्थिति बनी रहेगी। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में हवाओं की गति 35 से 65 किमी/घंटा तक रह सकती है।
‘मोंथा’ के असर से तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने और राहत-बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। यह तूफान एक बार फिर याद दिलाता है कि समुद्री चक्रवातों का असर सिर्फ तटीय इलाकों तक सीमित नहीं, बल्कि पूर्वी और मध्य भारत में भी गहराई से महसूस किया जा सकता है।