Daily 24 भारत डेस्क: बीते दिनों यूपी के मेरठ में व्यापारी के साथ हुई अभद्रता के मामले ने नया मोड ले लिया है एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने देर रात कार्रवाई करते हुए मेडिकल थाने के इंस्पेक्टर शीलेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है । व्यापारी के साथ मारपीट गाली गलौज और सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मांगने के मामले में कार्रवाई नहीं करने में इंस्पेक्टर को दोषी पाया गया। दूसरी ओर, मुख्य आरोपी विकुल ने भी एक वीडियो जारी कर बयान दिया है कि उसने ही इंस्पेक्टर से कहकर मुकदमे की कार्रवाई रुकवाई थी। इसके बाद एसएसपी ने एसपी सिटी की रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया।
व्यापारी सत्यम रस्तोगी के साथ 19 अक्टूबर की रात को तेजगढ़ी पर निलंबित भाजपा नेता विकुल चपराणा और उसके साथियों ने मारपीट की थी। आरोपियों ने सत्यम रस्तोगी से सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मंगवाई थी। इस मामले में घटना की सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। इसके बावजूद मेडिकल पुलिस ने प्रारंभिक सूचना के आधार पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया और न ही लिखापढ़ी की। वीडियो वायरल होने के बाद पूरा मामला तूल पकड़ गया, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए।इस मामले में पुलिस की भूमिका और पूरे घटनाक्रम को लेकर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को जांच दी गई थी।
प्रारंभिक जांच के दौरान मेडिकल थाना इंस्पेक्टर शीलेश कुमार की लापरवाही पाई गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी मेरठ डॉ. विपिन ताडा ने इंस्पेक्टर शीलेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी डॉ . विपिन ताडा ने बताया कि मेडिकल में व्यापारी से मारपीट के मामले में इंस्पेक्टर शीलेश कुमार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। इसी को लेकर दोषी पाते हुए इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है।
अजय ठाकुर