फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद शहर क्षेत्र में छोटा बंगशपुरा, अंगूरी बाग, लाल गेट और मदारवाड़ी से चार मातमी ताजिए व अलम उठे और चौक पर पहुंचकर चारों ताजियों व अलम ने एक मातमी जुलूस का रूप ले लिया। जुलूस में सरकार के निर्देशों का दिखा असर। खूनी मातम में नहीं चले चाकू छुरियां और तलवार। सुरक्षा की दृष्टि से आसमान से मातमी जुलूस की ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई ।
जमीन पर सुरक्षा की कमान संभाले फर्रुखाबाद कोतवाल जयप्रकाश शर्मा और मऊदरवाजा थाना अध्यक्ष अमित गंगवार भारी पुलिस वाल के साथ मातमी जुलूस के साथ मौजूद रहे।सुरक्षा की दृष्टि से ड्रोन कैमरे से भी मातमी जुलूस की निगरानी की गई।
मातमी जुलूस में सरकार के आदेश का सीधा असर भी दिखाई दिया पहली बार जुलूस में धारदार हथियारों से मातम नहीं मनाया गया। इमाम हुसैन के चाहने वालों ने उनकी याद में या हुसैन के नारे लगाकर मातम मनाया। मातमी ताजिया व अलम जुलूस थाना मऊदरवाजा क्षेत्र में टाउन हॉल के नीचे शमशाबाद रोड पर कर्बला में जाकर संपन्न हुए। जहां पर ताजिया व अलम दफन करने के बाद मजलिस के बाद कार्यक्रम सकुशल संपन्न हो गया।