डेली24भारत डेस्क: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को नई दिल्ली में उत्तराखंड के मोहम्मद दीपक से मुलाकात की, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही। इस मुलाकात की कई तस्वीरें कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की हैं, जिनमें दीपक और राहुल गांधी गले मिलते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने इन तस्वीरों के कैप्शन में लिखा – “दो भाई, मोहब्बत के सिपाही”, जो इस मुलाकात की भावनात्मक और सामूहिक संदेश को बखूबी दर्शाता है।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने दीपक के साथ एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की और लिखा – “हर इंसान, एक समान, यही है भारतीयता, यही है मोहब्बत की दुकान। उत्तराखंड के भाई ‘मोहम्मद दीपक’ से मुलाकात – एकता और साहस की ऐसी ही लौ हर भारतीय युवा में जलनी चाहिए।” इस संदेश से यह साफ़ होता है कि राहुल गांधी ने दीपक की बहादुरी और देश के लिए उनके योगदान को सम्मानित किया।
मालूम हो कि दीपक कोटद्वार के एक जिम ट्रेनर हैं और बीते दिनों उनका एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में दीपक ने अकेले ही कुछ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का सामना किया था, जो एक मुस्लिम की दुकान पर नाम बदलने को लेकर हंगामा कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया “तुम कौन हो, तुम्हारा नाम क्या है?” तो दीपक ने साहसपूर्वक जवाब दिया – “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” इस साहसिक कदम के कारण दीपक पूरे देश में चर्चा में आ गए।
राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर दीपक का वीडियो शेयर किया और उन्हें “भारत का हीरो” बताया। दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान दीपक ने मीडिया से साझा किया कि राहुल गांधी ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया था, उनके परिवार से बातचीत की और यह समझाया कि डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया।
मुलाकात के दौरान दीपक ने यह भी बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि वे कोटद्वार आकर उनसे मिलेंगे और उनके जिम की मेंबरशिप लेंगे। कांग्रेस ने इस मुलाकात की तस्वीरों के साथ कहा कि दीपक ने एकता, भाईचारे और साहस की मिसाल पेश की है, जो देश के हर युवा को अन्याय और नफरत के खिलाफ लड़ने का हौसला देगा। कांग्रेस ने दीपक को “मोहब्बत की दुकान का योद्धा” बताते हुए कहा कि पूरे देश को उन पर गर्व है।
इस मुलाकात और सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश से स्पष्ट है कि दीपक का साहस केवल व्यक्तिगत बहादुरी नहीं, बल्कि एक सामाजिक और नैतिक संदेश भी है – कि न्याय और समानता के लिए खड़े होने की हिम्मत हर भारतीय युवा में होनी चाहिए। राहुल गांधी ने इस मुलाकात के माध्यम से दीपक का साहस मान्यता दी और यह संदेश दिया कि नफरत और असहिष्णुता के खिलाफ खड़े होना सम्मान की बात है।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर