Daily 24 भारत डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18वें रोजगार मेले के तहत देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 61 हजार से अधिक नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए इसे उनके जीवन की नई शुरुआत बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि साल 2026 का आरंभ युवाओं के लिए नई खुशियां और नए अवसर लेकर आया है। बसंत ऋतु के साथ-साथ युवाओं के जीवन में भी नई बसंत का आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि यह समय संविधान के प्रति दायित्वों को समझने और निभाने का भी है, खासकर जब देश गणतंत्र के महापर्व को मना रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज का दिन ऐतिहासिक है क्योंकि इसी दिन संविधान ने जन-गण-मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम को राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया था। उन्होंने कहा कि रोजगार मेला अब एक मजबूत संस्थान बन चुका है, जिसके माध्यम से लाखों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिल चुके हैं। पीएम मोदी ने युवाओं को देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका की जानकारी देते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। सरकार लगातार ऐसे ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिससे युवाओं के लिए देश और विदेश में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। डिजिटल मीडिया और क्रिएटर इकोनॉमी में भारत तेजी से ग्लोबल हब बनता जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की एकमात्र ऐसी अर्थव्यवस्था है जिसने महज एक दशक में अपनी जीडीपी को दोगुना किया है। विदेशी निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है और डिफेंस, दवाइयों, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में छह गुना वृद्धि हुई है, जो आज 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक की इंडस्ट्री बन चुकी है। देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर आगे बढ़ रहा है, जिसका उद्देश्य जीवन और कारोबार दोनों को आसान बनाना है।
पीएम मोदी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि इस आयोजन में 8 हजार से अधिक बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं और बीते 11 वर्षों में वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हुई है। युवाओं को बदलती तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखने की सलाह देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि iGOT प्लेटफॉर्म से डेढ़ करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी खुद को प्रशिक्षित कर रहे हैं। अंत में उन्होंने सेवा भाव का मंत्र देते हुए कहा— “नागरिक देवो भव:”