डेली24 भारत डेस्क: पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई. पुलिस और उपद्रवियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. स्थानीय प्रशासन की तत्काल कार्रवाई के बावजूद इलाके में विरोध और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई.
बवाल और पत्थरबाजी
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इलाके में हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर अवैध निर्माण हटाने का अभियान चलाया, लेकिन इसी दौरान कुछ उपद्रवी भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस हमले में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें से कुछ को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा ने बताया, “तोड़फोड़ के दौरान कुछ बदमाशों ने पत्थर फेंककर गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की. स्थिति को सोच-समझकर और न्यूनतम बल का प्रयोग करके तत्काल नियंत्रण में लाया गया. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हालात सामान्य हो जाएं और कोई अनावश्यक तनाव उत्पन्न न हो.
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— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) January 7, 2026
FIR और हिरासत
दिल्ली पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी है. FIR में दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला और सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने जैसी धाराओं को शामिल किया गया है. इसके अलावा, पुलिस ने दस संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ आगे की जांच जारी है. पुलिस CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान कर रही है. अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल चार-पांच संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है.
पुलिस पूरी तरह तैयार थी
डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल ने बताया कि यह मामला लंबे समय से हाई कोर्ट में पेंडिंग था. उच्च न्यायालय के आदेश के बाद लगभग 36,400 स्क्वायर फीट के इस इलाके में कार्रवाई की गई. परिसर के चारों ओर दो मंजिला दीवार थी और उसके ऊपर एक मंजिला स्ट्रक्चर बना हुआ था. अधिकारी ने कहा की “मस्जिद की जमीन पूरी तरह सुरक्षित है. कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस फोर्स मौजूद थी और वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात साइट पर तैनात रहे. रात में पत्थरबाजी की घटना हुई, लेकिन हमारी टीम पूरी तरह तैयार थी.
मधुर वर्मा ने यह भी कहा की दिल्ली पुलिस कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा-“हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी न्यायिक निर्देशों को कानूनी, पेशेवर और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाए.”
तुर्कमान गेट में हुई यह घटना यह दिखाती है कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कभी-कभी स्थानीय तनाव को बढ़ा सकती है. हालांकि, पुलिस की तत्परता और सही रणनीति ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और बड़े नुकसान को टाला. अब पुलिस संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रखे हुए है, ताकि भविष्य में ऐसे उपद्रव को रोका जा सके. यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और न्यायिक आदेशों को लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सुनियोजित और पेशेवर कार्रवाई से ऐसे हालातों को संभाला जा सकता है.
खुशी डैंग, प्रोड्यूसर