Daily 24 भारत डेस्क: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में राजनीति और धर्म से जुड़ा नया विवाद खड़ा हो गया है. तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर—‘बाबरी जैसी मस्जिद’ की नींव रखी. कड़ी सुरक्षा में मौलवियों के साथ मंच पर फीता काटकर उन्होंने शिलान्यास की औपचारिकता पूरी की. शिलान्यास के बाद सोशल मीडिया पर हुमायूं कबीर द्वारा साझा किया गया एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग नोटों की गड्डियां गिनते दिखाई दे रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि समारोह में 11 पेटी चंदा जमा हुआ, जिसे गिनने के लिए 30 लोग और नोट गिनने की मशीनें लगानी पड़ीं. विधायक कबीर ने घोषणा की है कि फरवरी में वे 1 लाख लोगों से कुरान का पाठ करवाएंगे, जिसके बाद मस्जिद का निर्माण शुरू किया जाएगा. साथ ही वे जल्द ही मुसलमानों के लिए काम करने वाली नई राजनीतिक पार्टी बनाने का दावा कर रहे हैं. वे राज्य की 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से गठबंधन की संभावना भी जताई है.
इसी बीच, मस्जिद शिलान्यास के बाद कबीर को लगातार धमकियां मिल रही हैं. उनका कहना है कि उन्हें ‘बाहर के राज्यों से फोन पर जान से मारने की धमकी’ आ रही है. सुरक्षा को लेकर उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस को ईमेल भेजने की बात कही है, साथ ही केंद्र सरकार से भी सुरक्षा की मांग करने की तैयारी. अदालत जाने का भी संकेत दिया है.“मेरी सिक्योरिटी अभी तक वापस नहीं ली गई है, लेकिन खतरा बढ़ रहा है. कुछ लोग बाहर से फोन पर धमकी दे रहे हैं… जब भी मैं फ्लाइट पकड़ूंगा, कोई न कोई पीछे लग सकता है. मुझे अपनी सुरक्षा बढ़ानी होगी. मैं अब वेस्ट बंगाल पुलिस पर भरोसा नहीं रखता.”
खतरे को देखते हुए हुमायूं कबीर ने 8 निजी सुरक्षाकर्मियों को पहले ही नियुक्त कर लिया है. उनका कहना है कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो उसका जिम्मेदार कोई भी नहीं होगा.मुर्शिदाबाद में मस्जिद शिलान्यास के बाद पैदा हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है. हुमायूं कबीर की नई पार्टी, सुरक्षा और चंदा जुटाने को लेकर आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और भी गर्म होने वाली है.