Daily 24 भारत डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन ने अपना साझा घोषणा पत्र जारी किया, जिसका नाम रखा गया है ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’। इसमें युवाओं को नौकरी, महिलाओं को सम्मान और आम लोगों को राहत देने के कई वादे किए गए हैं। गठबंधन का कहना है कि ये सिर्फ वादे नहीं, बल्कि बिहार के पुनर्निर्माण की पूरी योजना है। घोषणा पत्र जारी करते वक्त मंच पर तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी, वाम दलों के प्रतिनिधि और अन्य सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे। तेजस्वी यादव ने कहा, “ये घोषणापत्र सिर्फ हमारा नहीं, बिहार की जनता का प्रण है। हम इस राज्य को बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार से मुक्त करेंगे।”
पवन खेड़ा ने कहा कि इस घोषणापत्र से साफ है कि कौन बिहार को लेकर गंभीर है और कौन दिन-रात इसके भविष्य पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 सालों में जो बिहार पीछे चला गया, उसे अब आगे लाने की जरूरत है।
घोषणापत्र में कई अहम बातें शामिल हैं —
- वक्फ कानून पर रोक लगाने की बात कही गई है।
- गरीबों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया है।
- शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी।
- सरकार बनने के 20 दिनों के अंदर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का अधिनियम लाने की बात कही गई है।
- 20 महीने में नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- जीविका दीदियों को स्थायी कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा।
- आईटी पार्क, स्पेशल इकोनॉमिक जोन, डेयरी और कृषि आधारित उद्योग, स्वास्थ्य सेवा और फूड प्रोसेसिंग पर नई नीति बनेगी।
- पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी।
- मनरेगा मजदूरी 255 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन की जाएगी।
महागठबंधन ने इस घोषणा पत्र को बिहार के विकास और बदलाव का रोडमैप बताया है।