Daily 24 भारत डेस्क: K. Kavitha ने शनिवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) की औपचारिक घोषणा कर दी. के. चंद्रशेखर राव की बेटी और भारत राष्ट्र समिति (BRS) की पूर्व नेता कविता ने हैदराबाद के बाहरी इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम में इस नई पार्टी के गठन का ऐलान किया. BRS से निलंबन के करीब सात महीने बाद उठाया गया यह कदम तेलंगाना की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है.
कविता के इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में इसलिए भी हलचल मचा दी है क्योंकि ‘TRS’ नाम का ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रहा है. यही नाम कभी के. चंद्रशेखर राव की पार्टी का था, जिसे बाद में बदलकर BRS कर दिया गया था. ऐसे में कविता द्वारा उसी नाम को फिर से अपनाना एक तरह से “राजनीतिक विरासत” और मूल विचारधारा को पुनर्जीवित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
हैदराबाद: के कविता ने लॉन्च की नई पार्टी TRS। BRS से अलग होने के 7 महीने बाद बड़ा फैसला। हैदराबाद में शक्ति प्रदर्शन। पिता के. चंद्रशेखर राव के पुराने नाम TRS को अपनाया। पहले TRS का नाम बदलकर BRS किया गया था। @RaoKavitha #KKavitha #TRS #Telangana pic.twitter.com/90CYE1FZoJ
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) April 25, 2026
पार्टी लॉन्च से पहले कविता ने अमरवीरुला स्तूपम पर जाकर 1969 के तेलंगाना आंदोलन में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की. यह कदम उनके राजनीतिक संदेश का प्रतीक था कि उनकी पार्टी राज्य की जड़ों, इतिहास और अधूरी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य बनने के बाद भी कई वादे अधूरे हैं और उनकी पार्टी इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखकर काम करेगी.
अपने संबोधन में कविता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने BRS को खुद की इच्छा से नहीं छोड़ा, बल्कि उन्हें और उनके समर्थकों को पार्टी से निकाला किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि BRS अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है और जनता के साथ उसका जुड़ाव कमजोर हो गया है. “BRS का गठन तेलंगाना की पहचान और अधिकारों के लिए हुआ था, लेकिन अब उसकी दिशा बदल गई है. जब कोई पार्टी अपनी आत्मा खो देती है, तो उसे फिर से जिंदा करने की जरूरत होती है,” उन्होंने कहा.
कविता ने खुद को “तेलंगाना की बेटी” बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन के लगभग 20 साल राज्य आंदोलन में समर्पित किए हैं. उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “मेरे लिए तेलंगाना के लोग ही मेरा परिवार हैं. चाहे हमारे साथ पुरानी पार्टी हो या न हो, या परिवार का साथ मिले या न मिले, हम तेलंगाना के विकास और उसकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम करते रहेंगे.” उनके इस बयान को राजनीतिक दृढ़ता और व्यक्तिगत संघर्ष के रूप में देखा जा रहा है.
गौरतलब है कि सितंबर 2025 में कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के चलते कविता को BRS से निलंबित कर दिया गया था. यह विवाद उस समय गहराया जब उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं टी. हरीश राव और जे. संतोष राव के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी की थी. इसके बाद पार्टी नेतृत्व और कविता के बीच मतभेद खुलकर सबके सामने आ गए थे.
राजनीतिज्ञों का मानना है कि कविता की नई पार्टी तेलंगाना में क्षेत्रीय राजनीति को नया आयाम दे सकती है. उनकी पहचान, संगठनात्मक अनुभव और जनसंपर्क, उन्हें एक मजबूत राजनीतिक विकल्प बना सकते हैं. हालांकि, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा कि उनकी पार्टी जमीनी स्तर पर कितना समर्थन जुटा पाती है और आगामी चुनावों में किस तरह प्रदर्शन करती है.
फिलहाल, ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ की घोषणा ने तेलंगाना की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. आने वाले महीनों में यह साफ हो जाएगा कि कविता का यह कदम एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरता है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि तेलंगाना की सियासत अब पहले जैसी नहीं रहने वाली.