डेली24भारत डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में गुरुवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। इस चरण में राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है, जबकि साथ ही तमिलनाडु की 234 सीटों पर भी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। दोनों राज्यों को मिलाकर इस चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाता करीब 44,000 मतदान केंद्रों पर लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा ले रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर मतदान शुरू। मतदाताओं में उत्साह, कई उम्मीदवार मैदान में आजमा रहे किस्मत।#WestBengal #Voting #Election2026 pic.twitter.com/otJvhhjE06
— Daily 24 Bharat (@Daily24bharat) April 23, 2026
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में ऐतिहासिक चुनाव
इस बार पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव केवल दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी अलग व्यवस्था है। 2021 में जहां मतदान आठ चरणों में हुआ था, वहीं 2016 में यह छह चरणों में संपन्न कराया गया था। चरणों की संख्या कम होने के बावजूद चुनाव आयोग ने सुरक्षा और निगरानी को लेकर इस बार अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। हर मतदान केंद्र पर केंद्रीय बलों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
पहले चरण को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि करीब 80 सीटों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है। वहीं कुछ क्षेत्रों में लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, जिससे कई सीटों पर त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बन गई है। कुछ इलाकों में स्थानीय और धार्मिक संगठनों के उम्मीदवारों की एंट्री ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
किन जिलों में हो रहा मतदान
पहले चरण में राज्य के कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं, जिनमें दार्जिलिंग, कालीम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान, पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम तथा पश्चिम और पूर्व मिदनापुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुल 1,478 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जो विभिन्न राजनीतिक दलों और स्वतंत्र प्रत्याशियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और घटनाएं
चुनाव के दौरान कई स्थानों पर सुरक्षा बलों की सख्त तैनाती देखने को मिली। सिलीगुड़ी के डांगीपारा इलाके में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF) के जवानों को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे भीड़ को तितर-बितर किया गया।
वहीं, कुछ स्थानों पर तनावपूर्ण स्थिति की खबरें भी सामने आईं। आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर हमला किया गया और पथराव किया गया, जिससे वाहन का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस घटना में उन्हें या उनके सुरक्षाकर्मियों को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनके निजी सचिव को हल्की चोट लगी।
पश्चिम बंगाल: मुर्शिदाबाद में मतदान के बीच हिंसा। मुर्शिदाबाद में वोटिंग के दौरान देसी बम फेंके गए। अचानक भगदड़, कई लोग घायल।#WestBengal #Murshidabad #ElectionViolence pic.twitter.com/Y2t7CPL9FF
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मतदान प्रतिशत में तेजी
मतदान के शुरुआती रुझानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में इस बार रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की जा रही है। दोपहर तीन बजे तक राज्य में लगभग 78.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है। चुनाव आयोग इसे जनता की बढ़ती भागीदारी के रूप में देख रहा है।
तमिलनाडु में भी मतदान को लेकर उत्साह
उधर तमिलनाडु में भी मतदान के दौरान भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि विदेशों में रहने वाले तमिल नागरिकों में भी इस बार मतदान को लेकर विशेष जागरूकता देखी जा रही है। खाड़ी देशों, दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका से बड़ी संख्या में एनआरआई अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए वापस लौट रहे हैं। चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
विदेशों में सक्रिय तमिल संगठनों के अनुसार, प्रवासी मतदाता इस बार चुनावी प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भागीदारी दिखा रहे हैं, जो राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
चुनाव प्रचार और मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा में दावा किया कि कुछ लोगों ने उनसे कहा कि वे मतदान करना चाहते हैं लेकिन डर की वजह से नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि वे किसी से न डरें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लें।
कुल मिलाकर माहौल
कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में मतदान का माहौल काफी सक्रिय और तनावपूर्ण दोनों तरह का दिखाई दे रहा है। एक तरफ रिकॉर्ड मतदान और जनता की भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती को दर्शा रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ स्थानों पर तनाव और सुरक्षा चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। चुनाव आयोग की सख्त निगरानी और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पहले चरण के ये नतीजे राजनीतिक समीकरणों को किस दिशा में ले जाएंगे।
भावना सिंह, प्रोड्यूसर