Daily 24 भारत डेस्क: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के बाद मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गई है. इस सूची में राज्यभर से कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल किए गए हैं. जबकि पिछले साल 27 अक्टूबर को जारी मतदाता सूची में यह संख्या 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 थी. यानी इस बार करीब 2 करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हट गए हैं.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि एसआईआर के दौरान 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि 2.57 करोड़ मतदाता या तो स्थायी रूप से बाहर चले गए थे या सत्यापन के समय उपलब्ध नहीं थे. इसके अलावा 25.47 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए. अगर जिलों की बात करें तो सबसे ज्यादा वोट लखनऊ में कटे हैं, जहां 12 लाख से अधिक नाम (30.04%) मसौदा सूची से बाहर हुए. इसके बाद कानपुर नगर, प्रयागराज, गाजियाबाद और आगरा जैसे बड़े शहरी जिले शीर्ष पर हैं. वहीं बलरामपुर, मेरठ और कानपुर नगर में भी 25 प्रतिशत से अधिक मतदाता सूची से बाहर हुए हैं.
ग्रामीण और सीमावर्ती जिलों में भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं. बहराइच, सिद्धार्थनगर, संभल, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों में 20 प्रतिशत के आसपास मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी से 6 फरवरी तक मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी. इस दौरान कोई भी नागरिक अपना नाम जुड़वाने, विवरण में सुधार कराने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकता है. इस पूरी प्रक्रिया में प्रदेशभर के 1 लाख 72 हजार 486 मतदान केंद्रों को शामिल किया गया. बूथ लेवल ऑफिसर यानी बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने पहुंचे, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके. फिलहाल मसौदा मतदाता सूची में प्रदेश के सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आपत्तियों के बाद अंतिम मतदाता सूची में कितना बदलाव होता है.