डेली 24 भारत: परेश रावल की आने वाली फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ रिलीज से पहले ही विवादों में फंस गई है. अयोध्या से बीजेपी प्रवक्ता रजनीश सिंह ने फिल्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. शिकायत सूचना और प्रसारण मंत्रालय और सेंसर बोर्ड में दी गई है .रजनीश सिंह का कहना है कि फिल्म की कहानी उनकी उस याचिका पर आधारित है, जो उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की थी. उस याचिका में उन्होंने ताजमहल के 22 बंद कमरों को खोलने और उसके ऐतिहासिक तथ्यों की जांच करने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के पोस्टर और प्रमोशनल सामग्री में उनकी याचिका से जुड़े तथ्य बिना अनुमति और गलत तरीके से दिखाए गए हैं. उनका कहना है कि इससे उनके कानूनी और बौद्धिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है. रजनीश सिंह ने कहा, “मेरी याचिका का मकसद सिर्फ सच्चाई सामने लाना था, न कि इसे पैसे कमाने का जरिया बनाना.”
बीजेपी नेता ने चेतावनी दी कि इस तरह की फिल्म न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है और सामाजिक व धार्मिक माहौल बिगाड़ सकती है. उन्होंने मांग की है कि फिल्म की स्क्रिप्ट की जांच की जाए ताकि यह साफ हो सके कि इसमें उनकी याचिका या उससे जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल बिना अनुमति के तो नहीं हुआ.
रजनीश सिंह ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक फिल्म के प्रचार, स्क्रीनिंग और रिलीज पर रोक लगाई जानी चाहिए. बता दें कि मई 2022 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने ताजमहल के इतिहास की जांच के लिए ASI से कमेटी बनाने की मांग की थी. फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ का निर्देशन तुषार अमरीश गोयल ने किया है और इसे सुरेश झा ने प्रोड्यूस किया है. इसमें परेश रावल, जाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, नमित दास और बेखा वाघ जैसे कलाकार नजर आएंगे. फिल्म ताजमहल के इतिहास और उससे जुड़े विवादों पर आधारित है. मेकर्स का कहना है कि यह फिल्म भारत की ऐतिहासिक विरासत को नए नजरिए से दिखाने की कोशिश है. अब देखना होगा कि सेंसर बोर्ड और अदालत इस पर क्या फैसला देते हैं, क्योंकि विवाद अभी थमता नहीं दिख रहा है.