Daily 24 भारत डेस्क: दिल्ली में मंगलवार को कृत्रिम बारिश (क्लाउड सीडिंग) का ट्रायल किया गया, लेकिन नतीजा उम्मीदों के विपरीत रहा। IIT कानपुर की टीम ने दो विमानों से 8 फ्लेयर्स छोड़े, जिस पर करीब 1.2 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके बावजूद चार घंटे बाद भी बारिश नहीं हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, उस समय बादलों में केवल 10 से 15 प्रतिशत नमी थी, जो क्लाउड सीडिंग के लिए पर्याप्त नहीं थी। IIT कानपुर के निदेशक ने बताया कि कृत्रिम वर्षा तभी सफल हो सकती है जब वातावरण में नमी की मात्रा अधिक हो।
दिल्ली की मंत्री रेखा गुप्ता ने हालांकि ट्रायल को सफल बताया, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसे फर्जीवाड़ा और पैसे की बर्बादी करार दिया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “रेखा सरकार पूरी तरह नाकाम हो चुकी है, अब उसके सारे इंजन फेल हो गए हैं।”
वहीं, बीजेपी का कहना है कि वे प्रदूषण कम करने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली में फिलहाल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। सरकार नवंबर में दोबारा क्लाउड सीडिंग ट्रायल करने की तैयारी में है।