मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में 301 फीट की तिरंगा कांवड़ लिए कांवड़ियों का जत्था पहुंचा तो देखने वालों को विश्वास ही नहीं हुआ कि इतनी बड़ी कांवड़ भी बन सकती है. बात जिले भर में फैल गई और इसे देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ गया. आपको बता दे कि इस कांवड़ मेले में अलग-अलग और रंग बिरंगी अद्भूत कांवड़ देखने को मिल रही हैं. इस कांवड़ को शहीदों के नाम पर लाया जा रहा है.

बागपत जिले के के एक शख्स अपने 40 लोगों के साथ हरिद्वार के हर की पौड़ी से गंगाजल भरकर शहीदों के नाम 301 फीट की तिरंगा कांवड़ लेकर अपने गंतव्य के लिए निकले हैं. अपनी इस यात्रा में यह जिस जगह से भी गुजरी, लोगों का वहां जमावड़ा लग गया.इस कांवड़ को लेकर आने वाले रोहित आर्य का कहना है कि हम हरिद्वार से जल लेकर गांव कांटा जिला बागपत जाएंगे. यह 301 फीट की कांवड़ है और यह हमारी सातवीं कावड़ है.

यह राम मंदिर वाली कांवड़ पहली बार है, जो इसमें जोड़ी है. पहले हम 251 फीट की कांवड़ लाए थे. इस बार बढ़ा दी है. हम इस कांवड़ के जरिए बताना चाहते हैं कि सभी एकजुट रहें. हम अपने वीर शहीदों के लिए यह कावड़ खासकर लाए हैं, हमारी 40 भोलों की टीम है और हम 35 से 40 किलोमीटर रोज चलते हैं. हमारा टोटल कांवड़ रूट 230 किलोमीटर के लगभग है.

बता देंकांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। और साथ ही शासन स्तर से भी यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी गंभीरता बरती जा रही है। इसी उद्देश्य से मुजफ्फरनगर में ATS की टीम लगाई गई है।इस कांवड़ को लेकर आने वाले रोहित आर्य का कहना है कि हम हरिद्वार से जल लेकर गांव कांटा जिला बागपत जाएंगे. यह 301 फीट की कांवड़ है और यह हमारी सातवीं कावड़ है. यह राम मंदिर वाली कांवड़ पहली बार है, जो इसमें जोड़ी है. पहले हम 251 फीट की कांवड़ लाए थे.

इस बार बढ़ा दी है. हम इस कांवड़ के जरिए बताना चाहते हैं कि सभी एकजुट रहें. हम अपने वीर शहीदों के लिए यह कावड़ खासकर लाए हैं, हमारी 40 भोलों की टीम है और हम 35 से 40 किलोमीटर रोज चलते हैं. हमारा टोटल कांवड़ रूट 230 किलोमीटर के लगभग है.